नतीजों के बाद Waaree Energies का शेयर Hold करें या EXIT? जाने एक्सपर्ट रेटिंग और टारगेट…

Waaree Energies

Waaree Energies, जो कभी शेयर बाजार में निवेशकों की पसंदीदा कंपनियों में गिनी जाती थी, आज दबाव में नजर आ रही है। देश की सबसे बड़ी सोलर PV मॉड्यूल निर्माता कंपनियों में शामिल यह कंपनी पिछले दो हफ्तों में करीब 10% टूट चुकी है। 29 अप्रैल को शेयर 3,525 रुपये पर था, जो अब 8% से ज्यादा गिरकर 3,139 रुपये के आसपास आ गया है। सवाल यह है कि इस गिरावट की असली वजह क्या है और निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

Waaree Energies Q4 नतीजे

Waaree Energies के मार्च 2026 तिमाही यानी Q4 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। एक तरफ कंपनी का रेवेन्यू 112% उछलकर ₹8,480 करोड़ पर पहुंच गया और PAT यानी शुद्ध मुनाफा 75% की बढ़त के साथ ₹1,126 करोड़ रहा। EBITDA भी 71% बढ़कर ₹1,577 करोड़ हो गया, लेकिन EBITDA मार्जिन पिछले साल के 23.1% से घटकर इस बार 18.6% पर आ गया। यही मार्जिन में आई कमी बाजार की निराशा और शेयर पर दबाव की सबसे बड़ी वजह बनी हुई है।

ब्रोकरेज रेटिंग और टारगेट

बड़े ब्रोकरेज हाउस इस वक्त Waaree पर एकमत नहीं हैं। Jefferies का मानना है कि इनपुट कॉस्ट में महंगाई और प्रतिकूल DCR मिक्स की वजह से मार्जिन पर दबाव आगे भी बना रहेगा, इसलिए उसने FY27 के लिए कमाई के अनुमान घटाए हैं और ₹2,395 रुपये का टारगेट देते हुए Underperform रेटिंग दी है। दूसरी तरफ Nomura का नजरिया सकारात्मक है, जो कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा जताते हुए ₹3,750 का टारगेट और Buy रेटिंग दे रहा है।

FIIs की हिस्सेदारी

सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जब आम निवेशक घबरा रहे हैं, तब विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs लगातार इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। दिसंबर 2024 में FIIs की हिस्सेदारी मात्र 1.40% थी, जो सितंबर 2025 में 6.35% और मार्च 2026 तक 7.06% पर पहुंच गई। यानी डेढ़ साल से भी कम समय में यह हिस्सेदारी 5 गुना से ज्यादा बढ़ी है। घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने भी मार्च 2026 तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 4.32% कर दी है।

भविष्य की संभावनाएं

कंपनी के मैनेजमेंट ने माना है कि FY27 की पहली छमाही में मार्जिन पर दबाव जारी रह सकता है, लेकिन नई सेल कैपेसिटी जुड़ने के बाद स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। कंपनी ने FY27 में EBITDA ग्रोथ 18% से 30% रहने का गाइडेंस दिया है और करीब ₹530 अरब का मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी को आने वाले समय में ठोस रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए अभी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए रिन्युएबल एनर्जी की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत दिखती है।

(Disclaimer: इस वेबसाइट पर दी गयी हर एक जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह के रूप नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी निवेश सम्बंधित निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर करें।)

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